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राजभाषा हिंदी (‍कविता)

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राजभाषा हिंदी

हिंदी है उत्‍कृष्‍ट विश्‍व में, सब भाषाओं में अनमोल । जन्‍मी भारत की पुण्‍य-धरा पर, हिंदी की जय जय बोल ।।

**************

राजभाषा हिंदी की उन्‍नति, देश की प्रगति का मूल है । इसकी उपेक्षा करना, हम सब की भूल है ।।

****************

हर क्षेत्र में आगे हैं हम, हिंदी हमें अपनानी है। हर-एक भारतवाशी को, हिंदी हमें सिखलानी है ।।

**************

अक्षर-अक्षर स्‍वर्णिम इसका, शब्‍द-शब्‍द अनमोल । जन्‍मी भारत की पुण्‍य-धरा पर, हिंदी की जय-जय बोल ।।

******************* ********** (राइफल के १७वें अंक, सितम्‍बर २०१३ में प्रकाशित)

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15 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

udayraj के द्वारा
October 4, 2013

अपनी राजभाषा के प्रति समर्पित चंद पंक्तियां ।

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
October 4, 2013

हिंदी की जय जय बोल ।।….बहुत सुन्दर …हार्दिक आभार

bdsingh के द्वारा
October 5, 2013

 इसका शब्द-शब्द अनमोल ।अच्छे शब्दों के साथ सुन्दर कविता।

udayraj के द्वारा
October 5, 2013

धन्‍यवाद शिखा जी ।

udayraj के द्वारा
October 5, 2013

धन्‍यवाद शिखा जी । आप सब की प्रतिक्रिया से रचनात्‍मक कार्यो के लिए प्रेरणा मिलती है ।

udayraj के द्वारा
October 5, 2013

बहुत – बहुत धन्‍यवाद पंकज जी । आपने ब्‍लाग पढ़ा और अपनी प्रतिक्रियाएं दी ।

udayraj के द्वारा
October 5, 2013

बहुत-बहुत धन्‍यवाद शिखा जी । आप सबकी प्रक्रियाएं रचनात्‍मक कार्यों के लिए प्रेरणा का कार्य करती है ।

udayraj के द्वारा
October 5, 2013

आदरणीय बी. डी. सिंह जी आपका बहुत – बहुत धन्‍यवाद ।

udayraj के द्वारा
October 5, 2013

आदरणीय बी. डी. सिंह जी आपका धन्‍यवाद ।

yatindranathchaturvedi के द्वारा
October 7, 2013

बेहतरीन रचना , सही कहा, सादर

Madan Mohan saxena के द्वारा
October 8, 2013

सुन्दर सटीक कभी इधर भी पधारें .

nishamittal के द्वारा
October 8, 2013

अपनी भाषा के सम्मान में सुन्दर रचना

udayraj के द्वारा
October 22, 2013

आपका तहे दिल से आभारी हूं कि आप समय – समय पर प्रतिक्रियाएं देकर मुझे प्रेरित करते हैं ।

udayraj के द्वारा
October 22, 2013

अपनी भाषा का सम्‍मान करता हूं और यह मानता हूं, अत: कृप्‍या अतिश्‍योक्ति न समझे । धन्‍यवाद सहित ।


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